Friday, October 27, 2023

उन्हें मेरी पहचान नहीं है

 



वे समझते हैं मुझमें जान नहीं है,

उन्हें अभी मेरी पहचान नहीं हैं,,

 वे समझते हैं कुंए को दुनिया ,

उन्हें अभी समुंदर का ज्ञान नहीं है ,,


विवेक शुक्ला की कलम से 

Tuesday, September 12, 2023

कुछ बातें बस मौसमी बाहर होती हैं

 



माना की मेरे हर शेरों में हसीना और शराब होती हैं ,

आदतन शायरों की हर बातें हुस्न की तलबदार होती हैं ,,

पर मेरी जां बातों से न परखा करो किरदार को मेरे ,

कुछ बातें हकीकत नहीं बस मौसमी बहार होती हैं ,, 


विवेक शुक्ला की कलम से 



Sunday, September 10, 2023

वफ़ा , किरदार , भरोसा शायरी

 


हर सुबह और शाम साथ में जिनके कटती हो ,

दिनभर साथ में जिनके खूब गुफ्तगू चलती हो ,,

क्या ख़ाक करते हैं वो भरोसा मेरे किरदार का ,

अगर उन्हें भी वफ़ा कहकर जतानी पड़ती हो ,,


विवेक शुक्ला की कलम से 



Tuesday, August 22, 2023

लाखों चोट खाएं बैठें हैं

 



जो हसीनों के ख्वाबों में रातें बिताएं बैठें हैं

वही दर्द की महफिलों में लाइनें लगाएं बैठें हैं

हमने तो सोचा था कि एक हमी हैं दुनिया में 

मुशायरें में पहुँचा तो जाना लाखों दिल पर चोट खाये बैठें हैं 

विवेक शुक्ला की कलम से





Wednesday, July 26, 2023

इश्क़ शायरी

 


इश्क़ 💓 से बढ़कर भी हैं कुछ नियम और कायदे ☑️

यहां हसीनों 💃 से दूरियों के हैं अपने फायदे 


विवेक शुक्ला की कलम से 

Monday, March 20, 2023

बचपन के दोस्त

 



जब लोग पुराने मिलते हैं , कुछ बात पुरानी होती है ,,

कुछ किस्से तो खुल जातें हैं , कुछ बात छुपानी होती है ,,

जब जिक्र तुम्हारा होता है , कुछ मजेदार कहानी होती है ,,

लोग तो बढ़ जाते हैं , बचपन की यादें कब सयानी होती हैं ,,

उन्हीं सुनहरी यादों संग , एक उम्र बितानी होती है ,,

बचपन बीता बेफिक्री में , परेशान जवानी होती है ,,


    विवेक शुक्ला की कलम से 


Sunday, March 19, 2023

एक कविता विधुतकर्मियों के संघर्ष के नाम

 



संघर्ष करने वालों की कभी हार नहीं होती


धमकियां शासक हर रोज सुनाता है , 

विरोध करने वालों पर एस्मा NSA लगाया जाता है ,,

डरते नहीं विधुतकर्मी तानाशाही और मनमानी से ,

मिलता है साहस और विश्वास गांधी की कहानी से ,,

लोकतंत्र में हड़ताले अपराध नहीं होती  ,

संघर्ष करने वालों की कभी हार नहीं होती ,,


 विवेक शुक्ला की कलम से