Monday, March 20, 2023

बचपन के दोस्त

 



जब लोग पुराने मिलते हैं , कुछ बात पुरानी होती है ,,

कुछ किस्से तो खुल जातें हैं , कुछ बात छुपानी होती है ,,

जब जिक्र तुम्हारा होता है , कुछ मजेदार कहानी होती है ,,

लोग तो बढ़ जाते हैं , बचपन की यादें कब सयानी होती हैं ,,

उन्हीं सुनहरी यादों संग , एक उम्र बितानी होती है ,,

बचपन बीता बेफिक्री में , परेशान जवानी होती है ,,


    विवेक शुक्ला की कलम से 


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