Tuesday, June 23, 2020

जोश से भरपूर राष्ट्रवादी कविता


गिरी बस एक बूँद ज़मीन पर,
और सैलाब आ गया,
जमे थके खून में,
अब उबाल आ गय।

रोक न सकोगे मुझे अब,
चाहे आखरी साँस तक ले लो,
मेरे सपनों में,
अब इंक़लाब आ गया। 

तोड़ न सकोगे,
मेरे इरादों को यूँ आसानी से,
मुझे देशप्रेम का ,
अब बुखार आ गया। 

माँ भारती के लाडलों,
अब तो नींद से जागो,
दुश्मन तो सीमा के,
हर छोर पर आ गया। 

कब तक मुंह छुपा के,
नज़रें तुम झुकाओगे,
कब तुम इस जवानी को,
देश के काम लाओगे। 

छोड़ो, जाने दो,
मुझे क्या?
हमारी जिंदगी तो अच्छे से कट रही है,
तो हमें क्या?

यही कहा होगा उन लोगों ने,
जो गुलाम हो गए,
जिन्हें आज़ादी दिलाते-दिलाते
वीरों के सिर कलम हो गए। 

अब भी रंग-भेद ,जाति और
मज़हब की बेड़ियों में बंधे हो क्या?
अभी भी इतिहास की
तुम उन्ही सीढ़ियों में खड़े हो क्या?

मैं पूछता हूँ तुमसे,
तुम कब आगे बढ़ोगे?
कब तुम गांव, शहर छोड़ के
देश के लिए लड़ोगे?

जागो !
ये नींद बार-बार नहीं खुलती,
जिंदगी एक बार मिली है,
ये बार-बार नहीं मिलती।

अपनी इस उम्र को,
एक नया जूनून दो,
अगर देश मांग रहा है,
तो तुम भी खून दो।

गिरी बस एक बूँद ज़मीन पर,
और सैलाब आ गया,
जमे थके खून में,
अब उबाल आ गया।

रोक न सकोगे हमें अब,
चाहे आखरी साँस तक ले लो,
हमारे सपनों में,
अब इंक़लाब आ गया। 

तोड़ न सकोगे,
हमारे इरादों को यूँ आसानी से,
हमें देशप्रेम का,
अब बुखार आ गया। 
           प्रीतम तिवारी जी की कविता

Tuesday, June 9, 2020

दर्द ए दिल

कहता  हूँ कि जिनकी खूबसूरती के सितम से हुआ घायल ये दिल ,,
उन्होंने ने ही मेरे दर्द ए दिल का इल्जाम मेरी नजरों पर लगा दिया ,,

Friday, April 10, 2020

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नसीब में नही
विवेक शुक्ला की कलम से

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विचारों की लड़ाई
कलम के सिपाही
विवेक शुक्ला की कलम से

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गुलाब कांटे कविताएं 
गुलाब कांटों पर शायरी
विवेक शुक्ला की कलम से

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खुली आँखों में ख्वाब सा है
उसका चेहरा गुलाब सा है
विवेक शुक्ला की कलम से

Thursday, February 20, 2020

कास वो जख्म भर जाते


वो तेरा छुप छुप कर देखना  आँखों का सेकना,
सब कुछ भुला पाते  कास वो जख्म भर  जाते,,
वो तेरा मिलना मिलाना वो  नोट्स का बहाना
सब यादों से निकल जाते कास वो जख्म भर जाते,
वो मेरे तोहफे को फेकना किसी और को देखना
 सब कुछ भूल पाते कास वो जख्म भर जाते ,,
वो मिलने न आना वो ब्यस्तता का बहाना,
सब यादों से मिटा पाते कास वो जख्म भर जाते,,