Monday, March 20, 2023

बचपन के दोस्त

 



जब लोग पुराने मिलते हैं , कुछ बात पुरानी होती है ,,

कुछ किस्से तो खुल जातें हैं , कुछ बात छुपानी होती है ,,

जब जिक्र तुम्हारा होता है , कुछ मजेदार कहानी होती है ,,

लोग तो बढ़ जाते हैं , बचपन की यादें कब सयानी होती हैं ,,

उन्हीं सुनहरी यादों संग , एक उम्र बितानी होती है ,,

बचपन बीता बेफिक्री में , परेशान जवानी होती है ,,


    विवेक शुक्ला की कलम से 


Sunday, March 19, 2023

एक कविता विधुतकर्मियों के संघर्ष के नाम

 



संघर्ष करने वालों की कभी हार नहीं होती


धमकियां शासक हर रोज सुनाता है , 

विरोध करने वालों पर एस्मा NSA लगाया जाता है ,,

डरते नहीं विधुतकर्मी तानाशाही और मनमानी से ,

मिलता है साहस और विश्वास गांधी की कहानी से ,,

लोकतंत्र में हड़ताले अपराध नहीं होती  ,

संघर्ष करने वालों की कभी हार नहीं होती ,,


 विवेक शुक्ला की कलम से