Tuesday, December 3, 2024

सांड की समस्या पर व्यंग्य

 



सिर्फ हमीं डटे हैं लठ्ठ लेके सरहद पर ,

बाकी यहाँ किसी में जान थोड़ी है  ,,

बड़े आराम से जो बैठे हैं बेफिकर घरों में ,

उन्हें लगता है कि उनका नुकसान थोड़ी है ,,

आएंगे सांड तो चरेंगे और खेत भी ,

इस जमीं में सिर्फ हमारा धान थोड़ी है ,,

विवेक शुक्ला की कलम से





Saturday, October 12, 2024

लोग जलाते रहे हर दफा कागज़ी पुतले को , रावण सबके मन के भीतर जिंदा रहा ,,

 


सत्य की जीत मनाते हैं वे भी विजयदशमी को ,

सदा असत्य से ही चलता जिनका धंधा रहा ,,

लोग जलाते रहे हर दफा कागज़ी पुतले को ,

रावण सबके मन के भीतर जिंदा रहा ,,


विवेक शुक्ला की कलम से 



Thursday, October 3, 2024

जीवन की बाधाओं से न डरो काल के फन पर नृत्य करो

 



जीवन हो लाख विषाक्त मगर तुम न अशक्त बनो ,

काल के फन को रंगमंच बना तुम उस पर नृत्य करो ,,

विवेक शुक्ला की कलम से 

Friday, September 20, 2024

वक़्त की दास्तां में हजारों तख्त और ताज बदले

 



बदलेगा हर शख्स यहाँ , लाज़िम है कल या आज बदले ,

वक़्त की दास्तां में हजारों तख्त और ताज बदले ,,

कुछ ने बदलने को ही समझी वक़्त की नज़ाक़त ,

कुछ ग़फ़लत में रहे , और फिर बेवक़्त बदले ,,

एक वक़्त बड़ी शिद्दत से जो लगे रहे बदलने में मुझे ,

सितम ये कि मुझे बदलकर , उनके फिर ख्याल बदले ,,


विवेक शुक्ला की कलम से 


Monday, August 26, 2024

कृष्ण चले जब द्वारिका

 



कैसे लगे भला मन , जब विलग प्राण से तन हो जाए ,,

कृष्ण चले जब द्वारिका , और राधा वृंदावन रह जाए ,,

ऊधौ कहो भला क्यों , ब्यथित न तन मन हो जाए ,,

कैसे रुके ये अश्रु , जब दूर भगत से भगवन हो जाएं ,,


विवेक शुक्ला की कलम से 




Tuesday, March 19, 2024

Motivational Quote

 


प्रातः का तुम लक्ष्य लिखों ,

चीर लो तुम माथे पर बांध ,,

साहस भर कदम बढ़ाओ ,,

हुंकार भरो मंजिल की ओर ,,

         विवेक शुक्ला की कलम से 


Motivational Quote For Personal Growth 

Address To P.G.

Monday, February 26, 2024

बेवफाओं का शहर

 


हुस्न की गलियों में दिल के मर्ज की दवा न खोजो ,

ये बेवफाओं का शहर है यहाँ वफ़ा न खोजो ,,

दिल लगाके हसीनाओं से टूटकर बिखर जाओगे ,

हर चमकते चेहरों पर जीने की वजह न खोजो ,,


विवेक शुक्ला की कलम से 

Bewafa Quotes