Friday, June 3, 2022

आशिक़ पानीपुरी वाला

 



उन्ही पुराने गीतों पर झूमता हूँ ,

आज भी तेरी गलियों में घूमता हूँ ,,

खरीद लिया है ठेला तेरे नाम का ,

तेरे शहर में ही पानीपुरी बेचता हूँ  ,,

        विवेक शुक्ला की कलम से