Tuesday, October 18, 2022

चाय शायरी

 



आगे की ज़िंदगी कुछ इस कदर जीना चाहते हैं❣️

हर सुबह की चाय साथ तुम्हारे पीना चाहते हैं ,,❣️ 

  विवेक शुक्ला की कलम से ❣️ 





Friday, October 7, 2022

इश्क़ की बीमारी

 







सबकुछ तो वही पुराना है फिर ये नयी सी खुमारी क्या है  , 

दिल तो दुरुस्त है फिर ये धड़कनों की बीमारी क्या है ,,

बिना पूछे ही हमने तो बयां कर दी हालात अपनी  ,

तुम भी कहो मोहब्बत में हालात तुम्हारी क्या है ,,


विवेक शुक्ला की कलम से