माँ को समर्पित कविता
हे जन्मधात्री हे जन्मभूमि ये जीवन तुझको अर्पित है ,
तूने ही सब दिया है और सबकुछ तुझे समर्पित है ,,
जब जब विपदा आती तेरा आँचल करता रक्षा मेरी ,
शरण में वो भी आते हैं छोड़ गए जो सरजमीं तेरी ,,
हर रोग, व्याध दुःख दर्द से माँ तूने सदा बचाया है ,
हठ, क्रोध से अनजाने में हमने तुझे सताया है ,,
तुझी से पाते जन्म सभी पलता तुझसे संसार है ,
हे जन्मधात्री हे जन्मभूमि तेरा गौरव आपार है ,,
विवेक शुक्ला की कलम से

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