Monday, August 26, 2024

कृष्ण चले जब द्वारिका

 



कैसे लगे भला मन , जब विलग प्राण से तन हो जाए ,,

कृष्ण चले जब द्वारिका , और राधा वृंदावन रह जाए ,,

ऊधौ कहो भला क्यों , ब्यथित न तन मन हो जाए ,,

कैसे रुके ये अश्रु , जब दूर भगत से भगवन हो जाएं ,,


विवेक शुक्ला की कलम से 




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