ये माना कि तुम्हारा हुस्न है जैसे अनारकली ,
लेकिन मोहब्बत की नजर सलीम को भी न मिली ,,
और तुमसे तो लाख गुना हमारी उर्वशी ही भली ,
बरसी मोहब्बत की नजर हर किसी पर गुजरा जो उस गली ,,
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