Tuesday, October 18, 2022

चाय शायरी

 



आगे की ज़िंदगी कुछ इस कदर जीना चाहते हैं❣️

हर सुबह की चाय साथ तुम्हारे पीना चाहते हैं ,,❣️ 

  विवेक शुक्ला की कलम से ❣️ 





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