कविताएं और शायरी विवेक शुक्ला की कलम से
Thursday, August 12, 2021
धार्मिक नफरत पर शायरी
न खींचो नफरतों की लकीरें मेरे शहर में ,,
यहां की मोहब्बत ही यहां की खूबसूरती है,,
धार्मिक नफरत शायरी , मजहबी नफरत शायरी ,
विवेक शुक्ला की कलम से
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